उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की कौशांबी पुलिस ने मथुरा की रहनेवाली मीरा ठाकुर को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मीरा ठाकुर ई-रिक्शा चलाती थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अवैध हथियार और नकली नोट के मामले में पहले उसे गिरफ्तार किया था परन्तु कोर्ट ने मानवता के आधार पर उसे जमानत दे दी थी।
ट्रांस हिंडन के पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल ने मीडिया को बताया कि कौशांबी पुलिस ने मीरा ठाकुर सहित 17 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। सभी आरोपी पाकिस्तान स्थित हैंडलर सरफराज उर्फ सरदार के संपर्क में थे।
मीरा ठाकुर दिखाने के लिए ई-रिक्शा चलाती थी। परन्तु वह एक कोर ग्रुप का हिस्सा थी, जहां पाकिस्तानी हैंडलर वीडियो कॉल और गुप्त ऐप्स के जरिए सीधे संपर्क करता था और पैसों के बदले काम सौंपता था। इस नेटवर्क को प्रमुख धार्मिक स्थलों और महत्वपूर्ण संस्थानों की तस्वीरें और लोकेशन जैसी संवेदनशील जानकारी जुटाने और साझा करने का काम सौंपा गया था। आरोपियों को रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी सिस्टम लगाने का भी काम दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, खाटू श्याम जैसे स्थानों की जानकारी भी साझा की थी।
मीरा ठाकुर के अवैध हथियार तस्करों से सीधे संबंध थे और वह दिल्ली-एनसीआर में अपराधियों को हथियार सप्लाई करती थी। उसका नेटवर्क गैंगस्टरों से लेकर स्थानीय अपराधियों तक फैला हुआ था।
जुलाई 2025 में मीरा ठाकुर को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने अवैध हथियार, कारतूस और नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। मीरा ठाकुर का गैंग कोडेड सोशल मीडिया मैसेज के जरिए मध्य प्रदेश से हथियार मंगाकर उत्तरी राज्यों में सप्लाई करता था। सितंबर 2025 में नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे मानवीय आधार पर जमानत दी थी, यह कहते हुए कि वह दो नाबालिग बच्चों की मां है और उनकी देखभाल उसके ऊपर निर्भर है, इसलिए लंबे समय तक हिरासत उनके हित में नहीं होगी।
मीरा ठाकुर मूल रूप से आगरा की रहने वाली है और मथुरा के औरंगाबाद इलाके में रहती थी। उसका पति मुकेश, जो पेशे से हलवाई है, लगभग दो साल पहले उससे अलग हो गया था।
मीरा ठाकुर के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, आर्म्स एक्ट और देशद्रोह व राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अन्य प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
